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Weather सूरज के तीखे तेवर

मार्च महीने में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। सूरज के तेवर किस कदर परेशान करने पर अमादा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई शहरों में तापमान चालीस पार जा चुका है। भोपाल में तो गर्मी ने 10 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।  सोमवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि भोपाल का आज का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार हो सकता है। वहीं इस बार मॉनसून में सामान्य से कम बारिश की आशंका भी जताई जा रही है। निजी एजेंसी स्काईमेट का अनुमान है कि 95 प्रतिशत बारिश होगी। जून से सितंबर के बीच 887 मिलीमीटर बारिश का अनुमान जताया गया है।


वहीं ग्वालियर में भी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। लोगों का कहना है कि गर्मी के चलते घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। 


इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। मार्च महीने में ही अप्रेल के आखिर में पढ़ने वाली तपन महसूस हो रही है। बिलासपुर में तो गर्मी ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मार्च महिने में ही शहर का पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया है। हाई टेम्प्रेचर ने शहरवासियों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक़ उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण बीते सप्ताह भर से तापमान में तेजी से परिवर्तन हुआ है और अचानक पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। अब तक के दर्ज तापमान के मुताबिक़ 41.4 डिग्री इस माह का सबसे अधिक और रिकार्ड तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जाता है।


गर्मी से कैसे बचें


एक गिलास ठंडा पानी पीकर बाहर निकलें


दिन भर में 10 से 15 गिलास पानी पिएं


लू से बचने के लिए एक प्याज जेब में रखें


आंखों के बचाव के लिए गहरे रंग का सनग्लास पहनें


मसालेदार खाना खाने से बचें

-चेहरे और बॉडी पर सनस्क्रीन लोशन लगाएं


सूती कपड़े ही पहनें


ठंडे पानी से ही स्नान करें

 

शुद्ध और ताजी हवा के लिए सुबह जल्दी उठकर वॉक करें 







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नर्मदा.. ना सिर्फ एक नदी, बल्कि आस्था, संस्कृति, जीवंतता और जीवन का दूसरा नाम।  वैभवशाली अतीत और संस्कृतियों को अपने में समेटे मां नर्मदा अमरकंटक से निकलती है और मध्य प्रदेश और गुजरात में कुल 1310 किलोमीटर का सफर तय करती है। मध्य प्रदेश सरकार ने 11 दिसंबर को अमरकंट से नर्मदा सेवा यात्रा शुरू की। जो 100 दिन पूरे होने पर सीहोर जिले के जैत पहुंच चुकी है। जैत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृहग्राम भी है। नर्मदा के संरक्षण और प्रदूषण दूर करने जनचेतना के लिए ये यात्रा निकाली जा रही है। अब तक इस यात्रा में दलाई लामा, श्रीश्री रविशंकर, स्वामी अवधेशानंद, वासुदेव जग्गी, मोरारी बापू, आशुतोष राणा, विवेक ओबेरॉय, कैलाश खेर, अनुराधा पौडवाल जैसी हस्तियां मां नर्मदा के लिए शुरू की गई यात्रा में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा अमिताभ बच्चन और लता मंगेशकर भी समर्थन कर चुके हैं। ज़ाहिर है पहल नर्मदा के लिए है तो सरकार की कोशिशों के साथ बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और आम जनता की तरफ से भी पहल की उम्मीद है।


मध्य प्रदेश की बात करें तो अमरकंटक से निकलने के बाद नर्मदा नदी मंडला, जबलपुर, होशंगाबाद, महेश्वर, ओंकारेश्वर जैसे अहम शहरों को बसाती चली गई। इसके अलावा जंगल के रास्ते जाने कितनी ही जगहें हैं, जहां रेवा अपने विहंगम स्वरूप में दिखाई देती है। 


सभ्यता औऱ संस्कृति की कहानी मनुष्य और नदी की जुगलबंदी की कहानी है। अगर नदी न होती तो सभ्यता संस्कृति न होती। यही वजह है कि हमारे देश में नदी को लोकमाता कहा जाता है। कभी आस्था के लिए तो कभी सौंदर्य के लिए नदी की परिक्रमा की जाती है। इस बार सरकार की तरफ से नर्मदा के संरक्षण और प्रदूषण दूर करने के लिए 5 महीने लंबी यात्रा की जा रही है। बहुत सी चुनौतियां हैं। चाहे नर्मदा में मिलने वाली, गंदगी, गंदा पानी, केमिकल हो या फिर सहायक नदियों का लगातार सिकुड़ना। नदी के आसपास हो रहे निर्माण और उत्खनन ने भी चिंता की लकीरें खींची हैं। इस यात्रा में सारी चिंताओं पर गंभीरता से विचार हो रहा है। उम्मीद है नर्मदा के कल-कल प्रवाह को और गति मिलेगी।


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