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Weather अब धूप से परेशान हुए लोग

एक बार फिर मौसम ने अपने तेवर बदल दिए हैं। इन दिनों मौसम के मिजाज तीखे हो गए हैं। लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। रात में मौसम सर्द हो जाता है, वहीं दिन में तेज धूप के कारणों लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक WET के इफेक्ट के चलते सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे तेज धूप पढ़ रही है। हालांकि मौसम विज्ञानिक इस बदलाव को फसलों के लिए अच्छा बता रहे हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। बात करें न्यूनतम तापमान की तो प्रदेश के सभी जिलों में खास परिवर्तन नहीं देखा गया। साथ ही रीवा, होशंगाबाद और जबलपुर में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। साथ ही प्रदेश में सबसे कम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के रायसेन,छिंदवाड़ा, बेतूल का रहा।


मध्यप्रदेश का तापमान


भोपाल का न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर का न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा।


छत्तीसगढ़ का तापमान


रायपुर में न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस, अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा।


 

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"नेटवर्क" पर अटैक

मध्यप्रदेश एटीएस ने 9 फरवरी को मध्यप्रदेश में फैले जिस जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया। वो चौंकाने वाला है। मामले की लगातार जांच की जा रही है और नए नए खुलासे हो रहे है। एक खुलासा ये भी कि ना केवल मध्यप्रदेश बल्कि छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी में भी जासूसी नेटवर्क फैलाने की योजना थी। एटीएस तो मामले की जांच कर रही है। लेकिन इस नेटवर्क में पकड़े गए आरोपियों के बीजेपी कनेक्शन सामने आने और मध्यप्रदेश पुलिस को नेटवर्क के बारे में ना पता चलना कई सवाल खड़े करता है और विपक्ष सवाल उठा भी रहा है।



आंतरिक सुरक्षा में चूक का मसला उठाकर विपक्ष ने एक तरह से इसबात को पुख्ता किया है कि आतंकी संगठन मध्यप्रदेश का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने नहीं बल्कि अपना नेटवर्क मजबूत करने में करते है। मामला इतना गंभीर हो चुका है कि पीएमओ खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है।


जहां तक विपक्ष के आरोपों का सवाल है तो सरकार ने इन आरोपों को राजनैतिक आरोप कहकर खारिज किया है।



राजनीतिक तौर पर देखे तो ये ठीक व्यापम घोटाले जैसा ही मामला है जिसे विपक्ष जोर शोर से उठाने की कोशिश कर रहा है। इस मामले को लेकर पिछले दिनों हुए प्रदर्शन भी ये संकेत देते है। अभी संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण बाकी है तो मप्र विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है। जाहिर तौर पर आंतरिक सुरक्षा का मुद्दा उठाकर विपक्ष ने ये तो साफ कर दिया है कि इस मसले पर सरकार को घेरने में कोई कोताही बरतने वाला नहीं।


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