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असाटी में मूर्तियों का खजाना, खुदाई के दौरान निकलती है मूर्तियां, बौद्ध औऱ चंदेल कालीन हैं मूर्तियां, ग्रामीणों ने की शासन की गुहार, संग्रहालय बनवाने की पहल |
07 Sep 2011


टीकमगढ जिले के निवाङी के असाटी गांव को मूर्तियों का खजाना कहा जाता है|क्योकि आप यहां कही भी जमीन में खुदाई करिये आपको प्राचीन मूर्तियां निकलती है|लेकिन शासन की लापरवाही औऱ लोगों में जागरुकता की कमी के कारण बौद्ध और चंदेल कालीन मूर्तियों चोरी भी हो चुकी है|हालाकि देर से ही सही ग्रामीणों ने शासन से संग्रहालय बनवाने की पहल की हैटीकमगढ जिले के निवारी इलाके असाटी गांव में रखी ये मूर्तियां काफी प्राचीन है| इन मूर्तियों का इतिहास जितना पुराना है उससे ज्यादा आश्चर्य आपको ये जानकर होगा की इस गांव में आप चाहे जहां खुदाई करीए आपको कोई न कोई मूर्ति या इमारते जरुर मिल जाएगी|लेकिन इनके लिए कोई संग्रहालय न होने की वजह से न जाने कितनी चंदेल और बौद्ध कालीन मूर्तिया चोरी हो गई|जिससे इस गांव के लोगों को संग्रहालय बनवाने की जरुरत महसूस हो रही है|इसके लिए उन्होंने शासन से भी बात की है|हालांकि यह गांव काफी समय से मूर्तियों के निकलने के लिए सुर्खियों मे रहा है लेकिन इन ऐतिहासिक धरोहरो के प्रति शासन की जवाबदेही इसी बात से समझी जा सकती है कि वरिष्ठ मार्ग दर्शक पुरातत्व को इस बारे में मीङिया के जरिये ही पता चला|फिलहाल इस पहल के बाद उन्होने इन मूर्तियों के लिए संग्रहालय पर विचार कर कार्रवाई करने की बात कर रहे है बहरहाल जो भी हो|हमे अपनी प्राचीन धरोहरों को खुद ही सहेजकर न केवल रखना होगा बल्कि इनकी सुरक्षा भी करनी होगी|क्योंकि इन मुर्तियों के प्रति सरकार के अलावा हमारी भी जवाबदेही बनती है|
   
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